#Kavita by Sunil gupta

“जब याद तेरी आती”
“मन झूम -झूम गाता,
जब याद तेरी आती।
जीवन में मधुमास छाता,
मन में हलचल मचती।।
छाई गम की बदली,
पल भर में छट जाती।
मधुर मिलन की आस,
फिर जीवन में गहराती।।
चंचल नैन खोजे तुझको,
फिर नींद कहाँ आती।
पल -भर झपकी पलके,
सपनो में समा जाती।।
कलियों के खिलने से,
बगिया महक जाती।
काँटो की चुभन फिर,
कहाँ-याद आती?
मोह-माया के बंधन से,
क्यों-तू धबराती?
मन झूम- झूम गाता,
जब याद तेरी आती।।”
ःःःःःःःःःःःःःःःःःसुनील कुमार गुप्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published.