#Kavita by Sunil Gupta

“महके बगिया छाये मधुमास”
“पतझड़ के बाद जीवन में,
निश्चित ही आता मधुमास।
इस जीवन पथ पर चल साथी,
यहाँ रखना तुम ये विश्वास।।
प्रतिकूलता कितनी भी हो,
जीवन में रखना तुम आस।
अनुकूलता होगी जीवन में,
प्रभु देगे फिर यही आभास।।
धूप छाँव से इस जीवन में,
सहते रहे तुम विरोधाभास।
बाँटते अपनत्व जीवन में,
महके बगिया छाये मधुमास।।”
ःःःःःःःःःःःःःःः
सुनील कुमार गुप्ता

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