#Kavita By Sunil Gupta

“हर चाह होगी पूरी”
“खुशियाँ मिले जीवन को,
चाह रहे न अधूरी।
बांट खुशियाँ अपनो को,
हर चाह होगी पूरी।।
स्वार्थ की इस धरा पर,
बढ़े जीवन में दूरी।
संबंधो को निभाना,
लगती है-मजबूरियाँ।।
सुख की चाहत यहाँ
बनती दु:ख की कहानी।
हरे दु:ख अपनो के जो,
हर चाह होगी-पूरी।।
सुनील कुमार गुप्ता

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