#Kavita By Sunil gupta

विश्व जल दिवस पर विशेष:-
कविता:-
” जल तो जल हैं-साथी”
“जल तो जल है-साथी,
बिन जल नही-
कही जीवन।
जल से ही सींचे धरा,
बनते वन-
और महकते उपवन।
प्यासी धरती साथी,
देती नही-
कभी अन्न।
शुद्ध जल से ही मिलती,
तृप्ति और-
स्वस्थ तन-मन।
संचित करे जल जो,
बुझे प्यास धरा की-
मिले वन और अन्न।
जल तो जल है -साथी,
बिन जल नही-
कही जीवन।।”
सुनील कुमार गुप्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published.