#Kavita by Sunita Bishnolia

दुनिया

बढ़ रहा है दुनिया में

बस स्वार्थ का ही व्यापार,

झूठ का सब ही नशा करें,

ना करें सत्य स्वीकार।

 

आँखों में अंजन दुनिया ने,

मतलब का है डाला

इक-दूजे के लिए ह्रदय में

‘विष का बूटा’ पाला।

 

कबीरा कहते थे दुनिया,

है कूकर सम भाई,

कड़वा है ये सच मगर,

ये बात है मन को भाई।

 

भ्रम का पर्दा डाल कर,

दुनिया करती ओछे काम,

खबर किसी को ना लगे

बस जपती धन-धन नाम।

इस दुनिया में सारे जन,

नाम के पीछे दौड़ें,

भष्टाचार में डूब के,

हर जन की किस्मत फोडें।

#सुनीता बिश्नोलिया

#जयपुर

 

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