#Kavita by Sunita Bisnolia

शब्द सीढ़ी

#शब्द-औकात,बदजात,तहकीकात,मुलाकात,शुरुआत

 

खुदा के सामने तेरी बता #औकात क्या बंदे

यहीं रह जाएगा सब कुछ,छोड़ अपने बुरे धंधे।

 

ना कह#बदजात ओरों को ,बुरा ना कर तू ऐ पगले,

जमाने की नजर में खुद को,कर साबित अरे बंदे।

 

तेरा ये धन तेरी दौलत ,ना कुछ भी साथ जाएगा,

करेगा कर्म जैसा तू , खुदा से वो ही ईनाम पायेगा।

 

तू #तहकीकात कर दिल में, खुदा को पास पायेगा,

जरा तू झाँक ले दिल में,समझ हर सच को जाएगा।

 

छोटी सी जिन्दगी बन सहारा,किस्मत के मारों का,

#मुलाकात खुद करेगा वो,रूप ले उन बेसहारों का।

 

जो अब तक न किया तू कर,नई#शुरुआत अब दिल से,

तेरे दिल को मिलेगी तब ख़ुशी,बढ़ कर खजाने से।

 

#सुनीता बिश्नोलिया

#जयपुर (राजस्थान)

 

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