#Kavita by Surendra Kumar SinghChans

उदास से मौसम में
खुशी की चहलकदमी
कोई सपना नही है
जीवन है
और जीवन की संभावना है
यूँ ही नही बदलता कुछ
खुद को बदलना होता है
ये हमेशा जटिल होता है
हां अगर कामना हो
और कामना से रूबरू होने
का जज्बा हो
सम्भव है उदासी के मौसम में
खुशी सी चहल पहल।

सुरेन्द्र कुमार सिंह चांस

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