#Kavita by Sushma Dubey

आई आई गर्मी आई …
कैसे कैसे खेल ये लाई ।
आओ चुन्नी खेलें खेल .
राजू लाया छुक छुक रेल ….
चुन्नी क्या तुम कंचे लाई
आई आई गर्मी आई

बबलू आओ हम छुप जाये
रानी को हम नजर न आये
खेलेंगे हम लुका -छिपाई
मुन्नी तुम तो देर से आई
आई आई गर्मी आई

मोनू तुम ये ढोलक लेलो
आओ तुम भी संग में खेलो
अब गुड़िया की करें सगाई
मीरा गुड्डा भी ले आई
आई आई गर्मी आई

रानू बैट से अब तुम खेलो
गुड्डी बॉल जरा तुम लेलो
नन्नू कैसी पतंग उड़ाई
नीले असमान में छाई
आई आई गर्मी आई

सुषमा दुबे ,विजयनगर ,इंदौर

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