#Kavita by Swati Kumari

मेरे कलम के हर एक शब्द मे तू है,

यारा,मैने सुना तुझको ही है

यारा,मैने लिखा तुझको ही है

अगर न हो यकिन

तो देख लो मेरी कविता की एक पक्ती

जो तेरी यादो से शुरू  होती है

और तेरी बातो पर खत्म होती है |

कलम तो बस चलता है,

इसके चलने का करण तुम हो

शब्द तो बस निकलते है

इनका कविता मे तब्दील

होने का कारण तुम हो

साँसे तो बस एक जरिया है

जिन्दा रहने का कारण तुम हो||

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