#Kavita by Uday Shankar Chaudhari

भंसाली के नाम संदेश

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शिराओं में रक्त जमी है मुर्दों की ये बस्ती है

हिंदू तेरे मां बहनो की बोलो इज्जत सस्ती है

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वरना लीला भंसाली की उसकी औकात दिखा देते

जौहर एक नया करते उसको वहीं बिठा देते

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लगता जैसे देश हीं नहीं धर्म सनातन सोयी है

अग्निस्नान करनेवाली यह देख देवियों रोयी है

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सुन लीला भंसाली रानी पद्मिनी वीर क्षत्राणी थी

धर्म और सम्मान के लिए मिटने वाली रानी थी

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तू क्या जाने जौहर क्या है आओ तुम्हें बताते हैं

रखो हाथ इस लौ पर हम मोमबत्ती एक जलाते हैं

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माना तुम इज्जत बेच लिए पुरुखों की तो रख लेते

स्वाभिमान की चादर से भारत की इज्जत ढ़क देते

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प्रेम कहानी लिखते हो लिखो तुम्हें लिखाता हॅूं

मरती थी हिंदू शेरों पर वो पर्दा आज उठाता हॅूं

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प्रेम कहानी लिख खिलजी की बेटी जवान फिरोजाकी

राजकुमार विरमदेव की दिवानी फिरोजाकी

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आगे लिख शाहजहां के बेटी की प्रेम कहानी तुम

वीर शिवा दिल मे थे उसके वो सच्ची जिंदगानी तुम

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रिश्ता लेकर औरंगजेब शिवा के आगे रोया था

खारिज किया छत्रपति ने नहीं चैन से सोया था

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ये भी लिख जहानाराने आग में खुद को भस्म किया

बाबरी नस्ल हुआ घायल बेटी का अंतिम रस्म किया

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औरंगजेब की बेटी कुंवर छत्रसाल पर मरती थी

सफियत्नीशाउसकी अजीत सिंह पर मरती थी

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नूर खुरासन यवनी थी बिन्दुसार की दिवानी

इल्तुतमिश की बेटी कर्मचंद्र की मस्तानी

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इतिहास अगर है पता नहीं आओ इतिहास पढाऐंगे

ऐ फिल्मी गद्दार तुझे माटी की मोल बताऐंगे

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पद्मिनी वीर क्षत्राणी थी जिसका सतीत्व अमर है

मत छेड़ो हिन्दू अस्मत को अभी शेष समर है

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उदय शंकर चौधरी नादान

पटोरी दरभंगा बिहार

7738559421

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