#Kavita by Uday Shankar Chaudhari

माँ शारदे दया कर नव ज्योति माँ जलादे

भारत में वीणापाणी अमृत सुधा बहादे

 

तू ज्ञान की हो गंगा अंधकारमय जगत है

तम दुर कर हे जननी हर अंध को मिटादे

 

हो भक्ति भाव मन में साधना शक्ति दे माँ

कलुषित विचार हो ना वो प्रेरणा जगादे

 

अटल अर्चना दे माँ अचल वंदना माँ

अंतस को मेरे नित नित नव छंद से रचादे

 

वाणी में वीणावादिनि देना मुझे मधूर स्वर

हर शब्द गीत बन कर जग को झिलमिलादे

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उदय शंकर चौधरी नादान

कोलहंटा पटोरी दरभंगा बिहार

7738559421

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