#Kavita by Uday Shankar Chaudhari

जलियाँवाला कांड

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जलियाँवाला कांड हिंद के अंतस में अंगार भरा

तिलक किया उस मिट्टी का शोया शेर हूँकार भरा

 

ये मत पुछो वीर सपूतों ने क्या हैं बलिदान दिए

माँ ने अपनी गोद बहन-बेटी ने सिंदूर दान किए

 

हँसते-हँसते रणबाँकुरों ने सर्वस्व लूटा डाला

भारत माँ की रक्षा में हर बूंद लहू बहा डाला

 

नाको चने चबाया गोरों को झाँसी वाली रानी ने

अस्सी बर्ष के कूँवर सिंह महावीर बलिदानी ने

 

एैसे न मिली ये आजादी हम भगत सिंह गँवाए हैं

चंद्रशेखर आजाद राजगुरु दत्त ने प्राण लूटाऐ हैं

 

काम न आई वहाँ अहिंसा धोखे में कोई मत रहना

लाखों ने बलिदान दिया विधवा हुई है माँ बहना

 

पहन बंसती चोला हर हर बम बम जयघोष किया

बिगूल बजी आजादी का बिस्मिल सुभाष ने जोश दिया

 

हुई लहू से लाल जमीं हमने आजादी पायी है

गाल बढाकर नहीं क्लेज पर गोलियाँ खायी है

 

अमर शहींदों को हम नित नित बंदन करते हैं

श्रद्घा से इस माटी का हम गर्व से चंदन करते हैं

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13 अप्रैल जलियाँवाला बाग शहादत दिवस  –  शहींदों को शत शत नमन

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उदय शंकर चौधरी नादान

कोलहंटा पटोरी दरभंगा बिहार

7738559421

 

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