#Kavita by Udya Shankar Chaudhari

सहिष्णु भारत।
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असहिष्णु न हुए कभी इतिहास जरा देखे होते।
तेरे पापों का फल हम आज नहीं धोते होते।

करुँ कहाँ से बात शुरू और कहाँ से खत्म करुँ।
कितने जख्में दिखलाऊँ कितने हीं जख्म भरुँ।

सहिष्णुता भारत माँ के जन जन में हम देखे हैं।
प्रेम भाव सौहार्द यहांँ जन गन मन में देखे हैं।

सोमनाथ मंदिर ना भूले ना हीं असहिष्णु हुए।
चौदह बार गजनवी ने सोमनाथ में जुर्म किए।

हमने हर बार अहिंसा का ही साथ निभाया है।
सत्य अहिंसा के खातिर चोट हजारों खाया है।

सत्रह बार मुहम्मद गोरी को हमने हीं छोड़ें हैं।
जीवन दान दिए इतने शब्द बाण तब छोड़ें हैं।

दुध पिलाते नागों को पेड़ों को पुजा करते हैं।
इंसा तो क्या हम पत्थर को भी पुजा करते हैं।

दाना पानी हम देते हैं उड़ते हुए परिंदों को।
चींटी को शक्कर ले गोद गिलहरी गिद्धों को।

हमने पुरुखों से अपनी संस्कार यह पाए हैं।
मिली विरासत में हमको वो सत्य बतलाऐं हैं।

ताकत अपार मैं हिमालय हूँ सदियों मौन रहा।
किए प्रपंच बहुत हमसे अंतर्मन अब खौल रहा।

दुनिया ये बतलाए हमें हम किसके रोटी छीने।
घर फूँक किसी के घर जाकर अपने घर बीने।

कब हमने बल से दुनिया का शीष झुकाया है।
किसी कौम के माथे पे चंदन तिलक लगाया है।

ना हमने मस्जिद तोड़े ना हीं कोई जिहादी हैं।
ना लश्कर ना ओसामा ना हीं हम बगदादी हैं।

आज भी मेरे सरहद पर आतंकी भेजे जाते हैं।
दो कौड़ी के लोग भी आकर मेरा खून बहाते है।

हम सहिष्णु गर ना होते भारत खंड नहीं होता।
दिन दहाड़े काश्मीर में मजहबी आग नहीं बोता।

ट्रेनों में लाशें भरकर भारत में भेजी ना जाती।
निर्दोष मासूमों को काश्मीर में काटी ना जाती।

मांँ बहनों की इज्जत लूटी वो भी हमने सहन किए।
असहिष्णु हम हुए नहीं पाप तुम्हारे वहन किए।

सात लाख कश्मीरी पंडित दर दर ठोकर खाते हैं।
रोहिंग्या के पैरोकारों तुम भूल इन्हें क्यों जाते हैं।

है देश आजाद अगर तो ये कैसी आजादी है।
आग बुझी ना बंगाल में जलती केशर घाटी है।

सहिष्णुता इससे बढ़कर और नहीं हो सकता है।
हैं राम आज भी तंबू में रोग बुरा यह खलता है।

लोकतंत्र के मंदिर से भगवा आतंकी कहा हमें।
बने सहिष्णु हम मौन रहे अरे कलंकी कहा हमें।

अब सब्र हमारा टुट रहा अनहोनी ना हो जाए ।
फिर दुजी हल्दी घाटी कुरुक्षेत्र न सज जाए।

है आकुल धरती अंबर हिमगिरी ललकार रहा।
दशों दिशाएं ग्रह नक्षत्र हे वीरों तुम्हें पुकार रहा।
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उदय शंकर चौधरी नादान
कोलहंटा पटोरी दरभंगा
7738559421

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