#Kavita by Umesh Lakhpati Krishna

जिंदगी के सफर यूँही गुनगुनाते रहेगें।
भागदौड़ में भी सब से मिलते मिलाते रहेगें।

मुश्किलों के सबब से थक ना जाना तुम,
कभी ख़ुशी कभी गम यूँही आते रहेगें।

जिंदगी की ज़द्दोज़हद में साथ तेरे हम,
थाम के हाथ कदम से कदम मिलाते रहेगें।

रहे महोब्बत् से दुनियां सारी,बन प्यारी,
मुहब्बत के लुटेरे है हम यूँही लूटते लुटाते रहेगें।

दूर दुनियां में हमसे जाओगे कितना तुम,
हम धड़कन बन याद अपनी दिलाते रहेगें।

आँखों में बसी है राधारानी “कृष्णा” के,
हम राहों में उनके फूल बिछाते रहेगें।

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