#Kavita by Utkrsh Anand

यह केशरिया रंग है शौर्य,
नर में पौरूष की ज्वाला है।
भगत सिंह, अशफाक,सुभाष ने
अमर हो इसे पाला है।

है श्वेत रंग यह शांति दूत
है रूप समता का खींचा
गांधी तिलक गोखले ने
अपने लहू से इसको सिंचा।

यह हरियाली है हरा रंग
लेकर बहती सब एक संग
यह संपन्नता का है प्रतीक
खेतों की मिट्टी की उमंग।

यह चक्र प्रगति के पथ का
संदेश सदा ही सुनाएगा
जबतक अस्तित्व हम बेटों का
तब तक तिरंगा लहराएगा।
—–उत्कर्ष आनन्द

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