#Kavita By Vashudev Agrwal Naman

सायलीछंद
शिल्प- 1  2  3  2  1  शब्द

“होली”

होली
का त्योहार
जीवन में लाया
रंगों की
बौछार।
***
होली
में जलते
अत्याचार, कपट, छल
निष्पाप भक्त
बचते।
***
होली
लाई रंग
हों सभी लाल
खेलें गुलाल
संग।
***
होली
देती छेद
ऊँच नीच के
मन से
भेद।
****
उन्नीस
की होली
चुनाव की तूती
देश में
बोली।
****
बासुदेव
की चाहना
पूरे ग्रूप को
होली की
शुभकामना।

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया

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