#Kavita by Vicky Jane

ऐसा मेरा प्यार हो

===============================

भागमभाग से दूर कही

किसी प्रेम नगर मे….

बहोत बडा नही लेकिन,

अपना एक छोटासा घर हो..

ऐसा मेरा प्यार हो…………

 

…..तुम अब्सार लगायें खोयें रहो

मेरी यादों मे…

और मुझे आते देख सडक पर

हौलें- हौलें मुस्कुराओं…

ऐसा मेरा प्यार हो………….

 

कभी आकर जल्दी मै तुम्हें

अपनी इन बाँहों में ले लूँ

कभी देरी से आऊँ तो तुम

रूठ जाओं…

ऐसा मेरा प्यार हो……………

 

तुम्हें उदास देख

अश्क़ आँखोंसे बह जाएं

और तुम्हें घंटो तक

मै फिर मनाऊँ…

ऐसा मेरा प्यार हो…………..

 

हमारी चारों और खुशनुमां

प्यार और सिर्फ प्यार

की सूगंध हो

हो ऐसा जहान अपना

हर सपना स्वछंद हो….

हो…………

विवेक जाने “विक्की” -प्रगती नगर (मौदा)  नागपूर   – 8625908735

Leave a Reply

Your email address will not be published.