#Kavita by Vidhya Shankar Vidhyarthi

धरती

 

धरती

माँ समान है

 

माँ ममता देती है

धरती माँ की तरह प्यार देती है

 

माँ के बाद धरती ही भूमिका

 

अदा करती है – माँ की

 

माँ दूध देती है

तो धरती अन्न और जल देती है

 

वृक्ष उगते हैं धरती के वक्ष पर

 

हृदय सिंचता है उन्हें

 

सेम बोओ

धरती सेम की फलियाँ देती है

 

गेहूँ बोओ

धरती गेहूँ की बालियाँ देती है

 

धरती क्या नहीं देती – हमें

 

धरती धरती है

 

जिसे गर्व से वसुंधरा भी कह

पुकारते हैं

 

धरती माँ है

 

सबकी माँ |

 

विद्या शंकर विद्यार्थी

 

151 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.