#Kavita by Vikram Gathania

बारिश होगी कल

बादलों की हल्की हल्की छाया घिरी हुई
सब अलसाया हुआ ठंड के आगोश में
अनमना बनाता हुआ
ठहरा हुआ सा यह एक दिन है!

धुंधलके में इसमें
कोई खरगोश खेत चर रहा होगा
धुंधलके में इसमें
कुछ स्पष्ट नजर नहीं आता है
फिर भी जरूर एक बात इसमें
बारिश होगी कल!

विक्रम गथानिया

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