#Kavita by Vikram Gathania

विधवा का चेहरा

किसी के भी कर्मों के वास्ते
आती है किस्मत  !

यह किस्मत की चमक
किसी चेहरे से
कहीं से भी
ला के दिखाऊँ तो  !

कभी यह भी नहीं होता
किन्हीं चेहरों पर
अब क्या बताऊँ
किसी बुझे चेहरे से !

किस्मत की बुझ
कहीं से भी
ला के दिखाऊँ तो  !

एक विधवा का चेहरा
याद करता हूँ इस वक्त
बुझ किसी विधवा के चेहरे की
ला के दिखाऊँ तो !

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