#Kavita by Vishal Narayan

आज सूबह का अखबार पढ लें

जो बह निकली है बयार पढ़ लें.

 

अपहरण, ड़कैती लूट मार क्या

बहुत अच्छा है ये संसार पढ़ लें.

 

रोज निकले खबरे आकाओं की

किसी गरीब की दरकार पढ़ लें.

 

जंगलराज या राज का जंगल है

घोड़ा उपर नीचे सवार पढ़ लें.

 

पन्ने तो रोज पलटते हैं विशाल

चलो खुद को इक बार पढ़ लें.

 

—-” विशाल नारायण ”

 

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