#Kavita by Vivek Prajaati

 

एक कुंडलिया का प्रयास-

 

बजरंगी  हनुमान  हैं भक्तों  के सम्राट।

संकट कितना भी प्रबल देते पल में काट।।

देते  पल  में काट  सदा  रक्षा  हैं करते।

भूत  प्रेत  तो  नाम सुमिरने से ही डरते।।

सदा रहो श्री राम मात सीता के संगी।

जब जब हो आह्वान प्रकट होना बजरंगी।।

 

विवेक प्रजापति

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