#Kavita by Vivek Tiwari

*हिंदी दिवस*

हिंदी को कर के चिन्दी,
अंग्रेजी कोट पहन रहे हैं।
मातृ भाषा को भूल कर,
अंग्रेजी सुर में बोल रहे हैं।।
संस्कार अपने छोड़ के,
क्यों हो गये आज विवश।
जहां होना था अंग्रेजी दिवस,
वहां मना रहे हिंदी दिवस।।
अब तो जागो रखो ध्यान,
अंग्रेजी गुलामी की पहचान
हिंदी भाषा का रखो मान
इसमें है माँ भारती का सम्मान।।
हिंदी है हमारी शान
हर हिन्दुस्तानी का है मान
हिंदी हैं हम वतन हैं
हिंदुस्तान की ये पहचान।।
🙏🏻-जय हिंद जय हिंदी
विवेक तिवारी

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