#Kavitaz/Muktak by Jasveer Singh Haldhar

मुक्तक -वाह केजरी

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भाजपा से सौ किये सवाल केजरी ने ।

झूठ से सच को किया हलाल केजरी ने ।

माल सारा ढो दिया दुपहिय वाहनों से ,

राजधानी में किया कमाल केजरी ने ।।

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आरक्षण पर –  हलधर  कविता

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मेरे स्नातक बापू जी अक्सर मुझ से कुछ कहते हैं !

ऊंची जाति के वारिस हम इस लिए गरीबी सहते हैं !!

जात – पांत का पैमाना नौकरियों का आधार बना ,

पढे लिखे स्वर्ण युवकों के भक्षण का औज़ार बना ,

आरक्षण का नाग एक दिन भारत को डस जाएगा ,

वर्ग भेद के कारण भारत दल दल में फस जाएगा ,

जाति भेद के दानव ने परिवेश दोगला बना दिया ,

आरक्षित पदभारों ने ये देश खोखला बना दिया ,

प्रतिभाओं को काट दिया है आरक्षित तलवारों ने ,

वोट के कारण मौन रखा है देश की सब सरकारों ने ,

इन्हीं  विषमताओं के कारण दृग से आँसू बहते हैं !

मेरे स्नातक बापू जी अक्सर मुझसे कुछ कहते हैं !!1

संविधान में आरक्षण दस वर्षों का अनुमोदन था ,

दलित वर्ग उत्थान हेतु ये मरहम सम प्रयोजन था ,

संसद में इसको संसोधित कर के गहरे घाव दिये ,

प्रतिभा वान बच्चे धकिया गहरे गड्ढे में दाव दिये ,

अब पंजाबी बानियाँ कायस्थ भी बैठ रहे हड़तालों पर ,

स्वर्ण जातियाँ लपक रहीं हैं  आरक्षित मीठे थालों पर ,

ठाकुर गुज्जर जाट पटेल भी सड़कों पर आ जाएंगे ,

निर्धन ब्राह्मण परशुराम बन लहू की नदी बहाएँगे ,

भारत की बरबादी खातिर ये  काले मेघ बरसते हैं !

मेरे स्नातक बापू जी अक्सर मुझ से कुछ कहते हैं !!2

सिक्ख ईसाई मुसलमान आरक्षण को ललचाएँगे ,

यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो तख्त ताज हिल जाएंगे ,

ऐ सत्ताधीशों मत खेलो इन जाति धरम के बाणों से ,

आत्मा को मत अलग करो भारत माता के प्राणों से ,

जाति का ये प्रश्न नहीं है समस्या मात्र गरीबी है ,

स्वर्ण जतियों से भी इसका नाता बहुत करीबी है ,

जिनके घर जलता ना चूल्हा ऐसे भी हैं स्वर्ण यहाँ ,

जो सोना रोज लुटाते हैं ऐसे भी दलित है कर्ण यहाँ ,

बांटो खाओ की राजनीति में हम गरीब दुख सहते हैं !

मेरे स्नातक बापू जी अक्सर मुझ से कुछ कहते हैं !!3

तुम फिर से जरा विचारो तो आरक्षण की ये कुटिल नीति ,

सब की प्रतिभा का मान रहे सब में आपस में बढ़े प्रीत ,

हो मात्र गरीबी पैमाना आरक्षण का सुख पाने का ,

जाति न कोई बने बहाना नौकरियाँ हथियाने का ,

जाति धरम का नाम नहीं होना चाहिए आवेदन में ,

एक ही भारत एक भारती नीति हो अब प्रयोजन में ,

जाति वाद का भूत देश से रातों रात भग जाएगा ,

सर्वधर्म समभाव देश में जन जन में जग जाएगा ,

हलधर “कलम बना हल को इस यक्ष प्रश्न को गहते हैं !

मेरे स्नातक बापू जी अक्सर मुख से कुछ कहते हैं !!4

हलधर -9897346173

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