#Lekh By Reeta Jaihind Hathrasi

आलेख  –  प्रकृति और हम

मानव को प्रकृति कुदरत की देन के रूप में उपहारस्वरूप मिली है । प्रकृति के इस अनमोल तोहफे से इंसान , पशु पक्षी तथा सभी जीव व प्राणी  को जीवन मिलता है …
हरेक इंसान को प्रकृति से प्रेम करना चाहिए ।हमे पेड़ पौथे ऊर्जा प्रदान करते हैं तथा ऑक्सीजन का माध्यम है और फल खाने से हमें अपने शरीर को निरोगी रखते हैं  …प्रायः पुरातन काल में तथा आज भी ऋषि – मुनि तथा अनेकों लोग हैं जो केवल कंदमूल फल वगैरह पर जीवित हैं ..जिनका जीवन का लक्ष्य जीने के लिए अल्पाहार लेना है न कि खाने के लिए जीना है …ऐसे लोग प्रकृति प्रदत्त फलों का सेवन करते हैं तथा गर्मी व सर्दी के लिए धूप – छाँव तथा हवा के लिए बिजली या पंखे कूलर एसी का उपयोग न करके पेड़ पौधों तथा वृक्षों का सहारा लेते हैं …प्रकृति हमें औषधि भी प्रदान करती है आयुर्वेद सदा से ही प्राकृतिक इलाज रहा है जो कि पेड़ पौधों तथा जड़ी बूटियों के उपयोग से दवाई लेकर बिना किसी Side effect के काम में लाई जाती है तथा सभी बीमीरियों का इलाज करने में सक्षम है ।

हवा, पानी , बिजली  व फल हमें प्रकृति से ही प्राप्त हैं तथा हमें इन साधनों से लाभान्वित होकर दूसरों को भी फायदा पहुँचाना चाहिए …तथा प्रकृति से प्रेम करना चाहिए ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए और हर हाल में यदि हम प्रकृति प्रेमी होंगे तो निश्चित ही हमें लाभ मिलता रहेगा व इसका बचाव हर मानव को करना होगा ।
धन्यवाद
रीता जयहिंद हाथरसी ( दिल्ली )

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