# Mktak by Kavi Piyush Sharma

मुक्तक अलग अंदाज

##प्यार के भावों का सजाधजा एक साज

 

तुम्हारे प्यार के खातिर सभी कुछ छोड़ आयेंगे

नयी दुनियां में चलकर क्या सभी को भूल जायेंगे

हम अपने माँ पिता को साथ सर आँखों पे रखेंगे

तभी दुनियां में हम अपनी नया एक स्वर्ग लायेंगे

 

—परिंदा उन्मुक्त गगन का

★बारां(राजस्थान)

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