#Muktak by abhishek bharti

तलाश

ना यहाँ ना वहाँ तो बता है कहाँ,
देख ली ये जमीं और ये आसमाँ।
मैं निहारूँ तुझे आ गले से लगा,
आजमाया जहाँ ने न तू आजमा।
अभिषेक भारती”चंदन”

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