#Muktak by Anil Uphar

मेरी यादों की कश्ती में वो दुनियाँ घूम लेता है ।

 

गुज़ारे साथ जो लम्हे उन्ही पर झूम लेता है ।

 

छुआ जिस दिन उसे मैंने तो सुध बुध भूल बैठा वो

 

आईना सामने रख कर के खुद को चूम लेता है ।अनिल उपहार

 

150 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.