#Muktak by Anil Uphar

इक प्रणय गीत है एक प्रणय छंद है ।

 

तन से तन को मिली जो मधुर गंध है ।

 

देखा बासंती मन तो नयन कह उठे

 

प्यास का तृप्ति से आज अनुबंध है ।

 

अनिल जैन उपहार

 

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