#Muktak by Annang Pal Singh

 

नहीं महत्ता आत्मा से ज्यादा जग और !
तत्व सार्वलौकिक यही, इसमें सबका ठौर !!
इसमें सबका ठौर, परे ना इससे कोई. !
आत्मतत्व से बड़ी महत्ता और न होई. !!
कह ंअनंग ंकरजोरि,सृष्टि सब उसकी सत्ता !
सकल सृष्टि में इससे बढ़कर. नहीं महत्ता !!

**

विषय वासना भूमि पर होय न आत्म विकास. !
समतल भूमि बनाइये , ले सनेह. हल खास !!
ले सनेह हल खास , यत्न करि भूमि सुधारो !
प्रेम वारि से सींच तपन सब खींच निकारो !!
कह ंअनंग ंकरजोरि,भस्म कर बीज कामना !
आत्म विकास पौध रोपो , तजि विषय वासना !!

102 Total Views 3 Views Today
Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *