#Muktak by Annang Pal Singh

राजनीति यह वोट की , जनमानस पर चोट !
सबको सबमें दिख रही , एक बराबर खोट !!
एक बराबर खोट , देश हित नजर न आवे !
सत्ता सुख के हेत , एक एकहिं नहिं भावे !!
कह”अनंग”करजोरि,सत्पुरुष यहाँ गये कह !
देगी देश डुबाय , वोट की राजनीति यह !!
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जीवन जीकर सिखाते , महापुरुष उपदेश !
हम वाणी से बोलते , करते नहीं विशेष !!
करते नहीं विशेष , कर्म करके दिखलाओ !
क्या है अनुचित उचित,सभी को यह सिखलाओ !!
कह”अनंग”करजोरि ,भरो सबमें अपनापन !
उपदेशों को छोड़ , कर्म कर साधो जीवन !!
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जीवन जीकर सिखाते , महापुरुष उपदेश !
हम वाणी से बोलते , करते नहीं विशेष !!
करते नहीं विशेष , कर्म करके दिखलाओ !
क्या है अनुचित उचित,सभी को यह सिखलाओ !!
कह”अनंग”करजोरि ,भरो सबमें अपनापन !
उपदेशों को छोड़ , कर्म कर साधो जीवन !!
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सत्य ,सरलता, निष्कपट , होने में आनंद !
उचना ही दुख छल कपट,और दम्भ में बंद !!
और दम्भ में बंद , अँधेरे में भटकन है !
घृणा, ईर्ष्या , द्वेष , नरक जैसा जीवन है !!
कह”अनंग”करजोरि,सत्य आदित्य विमलता !
निर्मल सहज स्वभाव,लिये उर सत्य सरलता !!
अनंगपाल सिंह भदौरिया”अनंग”

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