#Muktak by Annang Pal Singh

 

साक्छी , दृष्टा , नियंता , कर्ता , भर्ता रूप !
सत्,चित वा आनंद का ,गायत्री प्रतिरूप !!
गायत्री प्रतिरूप , सर्वव्यापी है जानो !
यही विराट ब्रम्ह इसको अंतरमन. मानो !!
कह”अनंग “करजोरि, आत्मा सत्याकांक्छी!
सदविचार, सदभाव ,सत्पुरुष के हैं साक्छी!!
अनंग पाल सिंह भदौरिया ग्वालियर
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साक्छी , दृष्टा , नियंता , कर्ता , भर्ता रूप !
सत्,चित वा आनंद का ,गायत्री प्रतिरूप !!
गायत्री प्रतिरूप , सर्वव्यापी है जानो !
यही विराट ब्रम्ह इसको अंतरमन. मानो !!
कह”अनंग “करजोरि, आत्मा सत्याकांक्छी!
सदविचार, सदभाव ,सत्पुरुष के हैं साक्छी!!
अनंग पाल सिंह भदौरिया ग्वालियर

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