#Muktak By Annang Pal Singh

परमेश्वर की सृष्टि को , सुन्दर श्रेष्ठ बनाउ. !

यह ईश्वर आराधना , अपने हृदय  बसाउ !!

अपने हृदय बसाउ , यही ईश्वर आराधन  !

सृष्टि सजाने हेतु , लगादो सब अपनापन !!

कह”अनंग “करजोरि,सभी में ईश्वर का घर !

जब चाहो तब देख, सको तुम प्रिय परमेश्वर !!

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नैतिकता नाचे  खड़ी , रंगमंच  सरकार  !

चिढ़ा रही मुँह समस्या ,अकड़े भ्रष्टाचार !!

अकड़े भ्रष्टाचार , कहे मत गाल बजाओ !

रहो शांत चुपचाप,और निज प्राण बचाओ !!

कह”अनंग “करजोरि, बहुत हावी भौतिकता !

कैसे?जीवित बची , रही अबतक नैतिकता !!

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शोषण रत सरकार है , ले पोषण का नाम  !

लेती ज्यादा देय कम , यह है उसका काम !!

यह है उसका  काम ,बना़ये कुछ ना बनता  !

सरकारी चक्की में ,पिसती दिखती जनता !!

कह”अनंग “करजोरि,पाय सरकारी पोषण  !

नेता अफसर सभी ,कर रहे जनता शोषण !!

अनंग पाल सिंह भदौरिया ग्वालियर

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