#Muktak by Annang Pal Singh

मूरत की सेवा करें ,   मूरत के  गुण  गायँ  !

माता-पिता पुकारते ,सुत उस ओर न जायँ !!

सुत उस ओर न जायँ ,करें नित मूरत सेवा  !

विरह  वेदना  साधि ,   पड़े  घर  बूढ़े  देवा !!

कह”अनंग “करजोरि,दिखाओ उनको सूरत !

वह ही  सच्चे देव , नहीं  मंदिर. की  मूरत !!

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फलदाता  विश्वास  है   , कोई  ईश्वर  नाहिं  !

करे आत्मविश्वास ही ,काम सफलता माहिं !!

काम सफलता माहिं  ,करे विश्वास तुम्हारा  !

यही  आत्मविश्वास  , ईश्वरी  शक्ति  सहारा !!

कह “अनंग”करजोरि,न बाहर कहीं विधाता !

रखिये दृढ़ विश्वास ,  वही सच्चा फलदाता !!

अनंग पाल सिंह भदौरिया” अनंग”

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