#Muktak by Annang Pal Singh

उत्तम फसल मिले तभी , कर मेहनत दिन रात  !

खरपतवार  निकालिये , कम  में  बने  न  बात !!

कम में बने न  बात ,  सफाई  करिये  मन  की  !

राह   सुधर   जायेगी   आगे   के   जीवन.  की !!

कह “अनंग “करजोरि , लगादो  अब  पूरी  दम  !

साफ करो मन  खेत , फसल  उपजेगी  उत्तम  !!

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मानव मन को मानिये , ज्यों उत्पादक खेत  !

इसमें  उगता  है  सभी  , खरपतवार  समेत !!

खरपतवार समेत , सभी कुछ  खेत  उगावे  !

ज्ञानी  ज्ञान  दृष्टि  ,  से  खरपतवार  नशावे !!

कह “अनंग “करजोरि, मारिये मन का दानव !

अवगुण देउ नशाय ,राखि गुण बनिये मानव !!

अनंग पाल सिंह भदौरिया” अनंग”

 

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