#Muktak by Annang Pal Singh

नई चेतना की किरण  ,बदलेगी  युग खास  !

सुबह कभी तो आयगी ,रख मन में विश्वास !!

रख मन में विश्वास, ज्ञान रवि  आने  वाला  !

भागेगी  अज्ञान , निशा  भी  देख  उजाला !!

कह “अनंग”करजोरि,ज्ञान मत कभी मेटना !

ज्ञान  किरन  के  साथ  ,भरेगी  नई  चेतना !!

अनंग पाल सिंह भदौरिया” अनंग”

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