#Muktak by Annang Pal Singh

शांत चित्तता रहे  तो ,  होवे कार्य  विशेष  !

इसीलिये परमार्थ हित ,कर सर्वस्व निवेश !!

कर सर्वस्व निवेश,शांति की शुभता जानो !

परहित सब लुट जाय ,लाभ है तब भी मानो !!

कह “अनंग “करजोरि,न करिये स्वार्थ मित्रता !

परहित में संतोष , और सुख  शांत  चित्तता !!

अनंग पाल सिंह भदौरिया” अनंग”

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