#Muktak by Annang Pal Singh

एक दिन बाद …..आई याद !!

महिलायें कम जानतीं ,किन्तु समझतीं खूब  !

जो भी करतीं  करातीं ,  करें  ध्यान में  डूब !!

करें ध्यान में डूब , पुरुष की  समझ  सहारा  !

घर में उनका श्रम  नर को दे शक्ति  अपारा !!

कह” अनंग “करजोरि ,नारियाँ पंथ  चलायें  !

हर घर को दे शक्ति , सुदृढ़ करतीं महिलायें !!

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लहरें नित आवेग की , टक्कर देतीं आय  !

अडिग रहो हर हाल में ,अहंकार विसराय !!

अहंकार विसराय, जियो नित सादा जीवन !

सबको लो अपनाय ,बढ़ा अपना अपनापन !!

कह” अनंग “करजोरि,वहाँ ना विल्कुल ठहरें !

आतीं जहाँ रिझाने को नित सुन्दर  लहरें !!

अनंग पाल सिंह भदौरिया “अनंग”

 

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