#Muktak by Annang Pal Singh

जीवन कुछ कुछ हम गढ़ें , कुछ गढ़ते हैं मित्र  ।

मित्र उन्हींको बनाओ , जिनके  विमल चरित्र ।।

जिनके विमल चरित्र , सदा सत्पथ दिखलाते  ।

अवरोधों   को   हटा  ,  राह   निर्बाध  बनाते ।।

कह “अनंग” करजोरि, मित्रता  है  सच्चा धन ।

सच्चे मित्रों का महत्व , समझो निज  जीवन ।।

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दुख का अनुभव होय जब , समझो ढँका विवेक ।

वैसे सुख दुख फलक  हैं , पर  सिक्का  है  एक ।।

पर   सिक्का  है  एक  ,  रात-  दिन  आते जाते  ।

जो विवेकयुत  व्यक्ति ,  नहीं  विल्कुल  घबराते ।।

कह “अनंग” करजोरि  , वही  है  सच्चा  मानव  ।

जो विवेक से सुख में  बदले  दुख  का अनुभव  ।।

अनंग पाल सिंह भदौरिया “अनंग”

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