#Muktak by Avdhesh Kumar Avadh

मुक्तक

कल की बातों पर आँसू अब नहीं बहाएँ।

कल क्या होगा इस दुविधा से बाहर आएँ।

वर्तमान को जीएँ जी -भर हँसते – गाते –

कर्त्तव्यों को पूरा करके कदम बढ़ाएँ ।। 0 अवध

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