#Muktak by Avdhesh Kumar Avadh

मुक्तक

 

इस हानि अथवा लाभ का कुछ भी नहीं अभिप्राय है ।

जाना हमें उस लोक है, यह कर्मभूमि सराय है ।

यह सोचकर निज कर्म कर बस साथ जाएगा यही –

यह जिंदगी का मूल है यह सर्व उत्तम राय है ।।

 

अवध

 

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