#Muktak by Begraj Kalvasia

नीति संबंधी मेरे पाँच दोहे

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घर आए इंसान का, सदा कीजिये मान ।

इसमें घर की शान है, खुद का भी सम्मान ।।

 

दुख में नित आगे रहो, सुख में पीछे मीत ।

इसमें अपनी शान है, इसमें हरदम जीत ।।

 

सोच समझकर लीजिए, उतना ही सामान ।

जितना हो बस काम का, ना हो झूठी शान ।।

 

करना मदद गरीब की, देना कुछ सामान ।

मन प्रसन्न होगा बड़ा, खूब बढ़ेगा मान ।।

 

मानव सभी समान हैं, इतना रखिये याद ।

कभी कहीं करना नहीं, झगड़ा और विवाद ।।

 

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बेगराज कलवांसिया ‘ढूकडा’

ऐलनाबाद (हरियाणा)

 

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