#Muktak by Ajeet Singh Charan

यूं हमसे फेर के आंखे ,तू जो मुख मोड जायेगी

भरी महफिल में भी हमको, यूं तन्हा छोड जायेगी

तेरे  होने से  ही हूं  मैं ,जमाना  जानता  है  सब

मेरे यूं नाम से तू नाम  अपना जोड  जायेगी

-अजीत सिंह चारण, रतनगढ

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