#Muktak by Jasveer Singh Haldhar

मुक्तक -फौजी

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बर्फ के सिलसिलों से वो तो घाव सींते हैं ।

सुलगते रेगिस्तान की वो तो आग जीते हैं ।।

गोला बारूद संग रोज वो खेलते होली ।

शत्रु के लहू को मान वो तो आब पीते हैं ।।

हलधर -9412050969/9897346173

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