muktak by kavi anil uphar

यहाँ  की शौर्य गाथाए हमे सबको पढ़ाना है ।

 यहाँ की मिट्टी जन्नत है ज़माने को बताना है ।

 जिस धरा की गंध हेतु तरसते हो देवता भी

 हमे अपने वतन को तो सदा सुन्दर बनाना है ।

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