#Muktak by Manish Soni

फकत इक बार की मेहनत, से जो तुम हार जाओगे,

नई राहों, में चलने से, अगर तुम जी चुराओगे,

ये उम्मीदों, की किरणें हैं, इन्हें पहचानना सीखो,

पड़ेगी जब ये किस्मत पर, जहाँ में जगमगाओगे ||

#मनीष

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