#Muktak by Mithilesh Rai Mahadev

साथ नहीं हो लेकिन क्यों हमसे रूठ गये हो?
राह-ए-जिन्द़गी में तुम हमसे छूट गये हो!
बढ़ती ही जा रही हैं अपनी दूरियाँ दिल की,
हाथ की लकीरों में क्यों हमसे टूट गये हो?

Leave a Reply

Your email address will not be published.