#Muktak by Mithilesh Rai Mahadev

तेरे बगैर मैं तो तन्हा जिया करता हूँ!
शामों-सहर मैं तुमको याद किया करता हूँ!
जिन्द़गी थक जाती है करवटों से लेकिन,
नींद में भी तेरा मैं नाम लिया करता हूँ!

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