#Muktak by D M Gupta

कोशिश

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मै केवल कोशिश करता हूँ  धर्म मार्ग  पर  चलने  का।

मै केवल कोशिश करता हूँ  दुखियों के दुःख हरने का।

कोशिश केवल वही करो  तुमसे सकल   जहान   हँसे

मै केवल कोशिश करता हूँ रवि की भांति निकलने का।

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कोशिश

मै केवल कोशिश करता हूँ प्रात खगों सा हो चहकूँ,

मै केवल कोशिश करता हूँ सुमन गंध  सा  हो  गमकूँ,

मेरी कोशिश यही सदा कि  औरों का   सृंगार   बनूँ,

मै केवल कोशिश करता हूँ तारों सा टिमटिम चमकूँ।

 

By-कवि डी एम् गुप्ता “प्रीत”

नवी मुंबई मो नं 9022580027

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