#Muktak by Dheeraj Kumar Pachwaria

इनायत रहमतें इतना करम  कर  दे  मेरे  मौला

दिलों के फ़ासले सारे ये कम कर दे मेरे  मौला

चमन में अब मेरे न नफ़रतों की लौ उठे  कोई,

अदावत की कहानी ये ख़तम कर दे मेरे मौला

 

कवि धीरज कुमार पचवारिया

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